मत्स्य पालन बना आजीविका का आधार, डेढ़ लाख रूपये से अधिक का लाभ
कोरिया/छ.ग./कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत की रानी लक्ष्मीबाई महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान के तहत प्राप्त आजीविका के रूप में मछली पालन का कार्य कर रही है। इस कार्य के तहत अब तक उन्होंने 3 लाख रूपये से अधिक राशि की मत्स्य विक्रय किया है और डेढ़ लाख रू. तक सामूहिक लाभ भी प्राप्त किया है। मछली पालन के कार्य को आजीविका के आधार के रूप मे विकसित कर अपने व अपने परिवारजनों का आर्थिक रूप से मदद कर रही है। साथ ही अपना एक अलग पहचान स्थापित कर रही है।
विकासखंड सोनहत के ग्राम घुघरा में बिहान के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई महिला स्व सहायता समूह का गठन दिनांक 17.05.2017 को किया गया। इस समूह में 10 सदस्य है, समूह के सदस्यों के द्वारा अपने जीवन स्तर को सुधार करने की दिशा में आजीविका के संसाधन के रूप मंे मछली पालन को एक जरिया बनाया। इसके परिणाम स्वरूप जुलाई 2019 को रानी लक्ष्मीबाई महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य को प्रारंभ करने के लिये प्रोत्साहन स्वरूप समूह को विकासखण्ड मिशन प्रबंधन इकाई के माध्यम से आरएफ राशि 15 हजार व सीआईएफ राशि 60 हजार रूपये प्रदान किये गये। साथ ही बैंक लोन 2 लाख रूपये उपलब्ध कराया गया। इस कार्य को प्रारंभ करने में लागत 22 लाख 50 हजार रूपये लगी। कार्य प्रारंभ करने से लेकर अभी तक समूह के द्वारा 3 लाख 78 हजार रूपये के मछली का विक्रय किया जा चुका है जिससे समूह को शुद्व लाभ 1 लाख 53 हजार रूपये प्राप्त हुआ। समूह की दीदीयों का मानना है कि वे बिहान से जुड़कर अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम हुयी है साथ ही समाज व परिवारजनों के बीच में अपनी नयी पहचान बनाते हुये आर्थिक और सामाजिक रूप से अपनी और अपने परिवारजनों की मदद कर रही है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ महिला सशक्तिकरण व गरीबी उन्मूलन की दिशा में कार्यरत्, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय अंतर्गत् मिशन है। बिहान (नवा सवेरा) शब्दानुसार अपने उद्देश्यों व महिला सशक्तिकरण को निर्धारित कर प्रतिदिन महिलाओं और समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। बिहान की संरचना तीनों स्तरों राज्य मंत्रालय, जिला पंचायत व जनपद पंचायत स्तर पर कार्यरत् है। जनपद पंचायत, जिला पंचायत के मार्गदर्शन व जिला पंचायत, राज्य कार्यालय के मार्गदर्शन पर अपने कार्यो को जमीनी स्तर पर संचालित कर लक्ष्यों व उद्देश्यों के प्रति हमेशा प्रयासरत् है।
विकासखंड सोनहत के ग्राम घुघरा में बिहान के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई महिला स्व सहायता समूह का गठन दिनांक 17.05.2017 को किया गया। इस समूह में 10 सदस्य है, समूह के सदस्यों के द्वारा अपने जीवन स्तर को सुधार करने की दिशा में आजीविका के संसाधन के रूप मंे मछली पालन को एक जरिया बनाया। इसके परिणाम स्वरूप जुलाई 2019 को रानी लक्ष्मीबाई महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य को प्रारंभ करने के लिये प्रोत्साहन स्वरूप समूह को विकासखण्ड मिशन प्रबंधन इकाई के माध्यम से आरएफ राशि 15 हजार व सीआईएफ राशि 60 हजार रूपये प्रदान किये गये। साथ ही बैंक लोन 2 लाख रूपये उपलब्ध कराया गया। इस कार्य को प्रारंभ करने में लागत 22 लाख 50 हजार रूपये लगी। कार्य प्रारंभ करने से लेकर अभी तक समूह के द्वारा 3 लाख 78 हजार रूपये के मछली का विक्रय किया जा चुका है जिससे समूह को शुद्व लाभ 1 लाख 53 हजार रूपये प्राप्त हुआ। समूह की दीदीयों का मानना है कि वे बिहान से जुड़कर अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम हुयी है साथ ही समाज व परिवारजनों के बीच में अपनी नयी पहचान बनाते हुये आर्थिक और सामाजिक रूप से अपनी और अपने परिवारजनों की मदद कर रही है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ महिला सशक्तिकरण व गरीबी उन्मूलन की दिशा में कार्यरत्, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय अंतर्गत् मिशन है। बिहान (नवा सवेरा) शब्दानुसार अपने उद्देश्यों व महिला सशक्तिकरण को निर्धारित कर प्रतिदिन महिलाओं और समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। बिहान की संरचना तीनों स्तरों राज्य मंत्रालय, जिला पंचायत व जनपद पंचायत स्तर पर कार्यरत् है। जनपद पंचायत, जिला पंचायत के मार्गदर्शन व जिला पंचायत, राज्य कार्यालय के मार्गदर्शन पर अपने कार्यो को जमीनी स्तर पर संचालित कर लक्ष्यों व उद्देश्यों के प्रति हमेशा प्रयासरत् है।

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